Noni Juice Benefits: Uses, Nutrition, Dosage and Precautions
The traditional wellness use of Noni juice is hundreds of years old. It is made from the fruit of the Morinda citrifo...
Published on July 27, 2026
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क्या आपका या आपके किसी अपने का,कई हफ्तों से मन उदास रह रहा है?
बार-बार मृत्यु के ख्याल आते हैं?
तो घबराएं नहीं, इस स्थिति से बाहर आया जा सकता है।
Depression एक सामान्य और गंभीर मनोदशा विकार है, जो लगातार उदासी और उन चीजों में रुचि की कमी का कारण बनता है, जिनका आप पहले आनंद लेते थे। यह आपके खाने, सोने और सोचने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।
क्या कहते हैं आंकड़े: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, Depression के कारण हर साल दुनिया भर में लगभग 7 लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं। हर 8 में से 1 आत्महत्या का कारण Depression होता है।
वैश्विक स्तर पर दुनिया के लगभग 5% लोग Depression का शिकार हैं।
एक अनुमान के अनुसार, भारत में किसी भी समय लगभग 2.3 करोड़ (23 मिलियन) लोगों को डिप्रेशन के इलाज की जरूरत होती है। महिलाओं में Depression की दर पुरुषों से लगभग दोगुनी होती है।
18 से 25 साल के युवाओं में Depression के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते हैं।

उदासी, आंसू आना, खालीपन या निराशा की भावनाएँ
छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्से में अचानक भड़कना, चिड़चिड़ापन
अनिंद्रा या बहुत नींद आना, चिंता, घबराहट या बेचैनी
सोचने, बोलने या शारीरिक गतिविधियों में धीमापन
स्वयं को बेकार या दोषी महसूस करना, अतीत की असफलताओं पर ध्यान केंद्रित करना या खुद को दोषी ठहराना
मृत्यु के बार-बार विचार आना, आत्महत्या के विचार आना, आत्महत्या का प्रयास करना
ब्रेन केमिस्ट्री में बदलाव: मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे केमिकल्स का असंतुलित होना।
आनुवंशिकी (Genetics): अगर परिवार में किसी को डिप्रेशन रहा है, तो इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।
तनाव (Stress): नौकरी छूटना, आर्थिक तंगी या लंबे समय तक भारी तनाव में रहना।
मेडिकल कंडीशन: थायरॉइड, मधुमेह या पुरानी बीमारियों के कारण।
शराब या ड्रग्स: नशीले पदार्थों का अधिक सेवन भी इसका कारण बन सकता है।
अगर Depression Treatment की बात करें तो, Depression को ठीक करने के लिए आयुर्वेद की therapies सबसे बेहतरीन हैं। शरीर और मन के विषैले तत्वों को बाहर निकालने के लिए ये थेरेपियाँ बहुत प्रभावी हैं:
शिरोधारा थेरेपी: इसमें माथे (तीसरे नेत्र) पर हल्के गर्म औषधीय तेल की धार गिराई जाती है, जो गहरे मानसिक तनाव को तुरंत कम करती है।
अभ्यंग थेरेपी: प्रतिदिन तिल के तेल से पूरे शरीर की मालिश करने से वात दोष शांत होता है और तंत्रिका तंत्र को आराम मिलता है।
नस्य थेरेपी: नाक में अणु तेल या शुद्ध देसी घी की बूंदें डालने से मस्तिष्क की नसें उत्तेजित और शांत होती हैं। Dr. Sukoon Tablets की मदद से भी Depression की समस्या से राहत पाई जा सकती है।

Depression में क्या खाएँ? यह जानना तो सब चाहते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने की वजह से एक अच्छी diet अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं कर पाते। आयुर्वेद के अनुसार, जैसा अन्न वैसा मन। डिप्रेशन से बचने के लिए खान-पान में ये बदलाव करें:
ताजा भोजन: हमेशा ताजा, गर्म और आसानी से पचने वाला भोजन ही खाएं।
ताजे फल और सब्जियां: मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और नट्स (जैसे बादाम और अखरोट) को आहार में शामिल करें।
घी का सेवन: शुद्ध गाय का घी ऊर्जा बढ़ाता है और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
अत्यधिक तीखा, तला-भुना, कैफीन (चाय/कॉफी), बासी भोजन और शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर दें, क्योंकि ये मन में रजोगुण और तमोगुण बढ़ाते हैं।
रजोगुण बढ़ने से इंसान बहुत ज्यादा क्रियाशील और इच्छुक हो जाता है। उसमें लालच, बेचैनी, अहंकार और अशांति आ जाती है।
तमोगुण अंधकार, आलस्य और अज्ञान को दर्शाता है। तमोगुण बढ़ने से सुस्ती, नकारात्मकता और स्वभाव में क्रोध आता है।
दिनचर्या और योग (Lifestyle & Yoga): Depression से बाहर आने के लिए, एक निश्चित दिनचर्या का पालन करना बहुत जरूरी है। आपका दिन जितना सकारात्मक होगा, नतीजे उतने ही अच्छे होंगे और जीवन में बदलाव देखने को मिलेंगे।
प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और कपालभाति प्राणायाम करने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। इसलिए प्राणायाम को अपनी दिनचर्य का हिस्सा बनाएँ।
ध्यान (Meditation): रोज़ाना सुबह 15-20 मिनट का ध्यान मन को केंद्रित और शांत रखने में मदद करता है। इसलिए सुबह ध्यान जरूर लगाएं।
संगीत सुनें: संगीत मन को शांति पहुंचाता है। संगीत सुनकर मन हल्का और आराम महसूस करता है। इसलिए सकारात्मक संगीत अवश्य सुनें।
नियमित नींद: अधूरी नींद Depression का सबसे बड़ा कारण है। रात को जल्दी (10 बजे तक) सोएं और सुबह सूर्योदय से पहले उठें।
सूर्योदय की धूप लें: Depression में सुबह का सूरज देखना बहुत फायदेमंद होता है। रोज़ सुबह 30 मिनट धूप में बैठने से दिमाग में 'सेरोटोनिन' (खुशी देने वाला केमिकल) बढ़ता है। इससे तनाव कम होता है। इसलिए सूर्योदय होते ही धूप में बैठें।
Depression कोई ऐसी बीमारी नहीं है, जिससे बाहर न आया जा सके। सही जीवनशैली और आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से इससे राहत पाकर, स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। अगर आपकी पहचान में भी कोई Depression से जूझ रहा है तो उसे सही दिशा दिखाएँ और Depression से बाहर आने में उनकी मदद करें।
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