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आपका BP क्यों होता है High या Low: जानिए इसके लक्षण, कारण, आयुर्वेदिक उपाय और सही खान-पान

आपका BP क्यों होता है High या Low: जानिए इसके लक्षण, कारण, आयुर्वेदिक उपाय और सही खान-पान

आखिर कब तक जूझते रहोगे BP की घातक समस्या से?

कब तक थामोगे जीवन भर खाई जाने वाली गोलियों का साथ?

आपको जरूरत है बीपी की जड़ को समझकर, इसका सही समाधान करने की। 

आइए समझें BP (ब्लड प्रेशर) क्या है?

हमारा Heart हर एक मिनट में कई बार धड़कता है और खून को पूरे शरीर में पहुंचाता है। जब यह रक्त धमनियों (Arteries) के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचता है, तो वह उनकी दीवारों पर एक दबाव बनाता है। इसी दबाव को ब्लड प्रेशर (Blood Pressure - BP) कहते हैं।

दूसरे शब्दों में, BP हमारे शरीर की वह शक्ति है, जिसके माध्यम से रक्त शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है।

 

हम BP को कैसे माप सकते हैं?

ब्लड प्रेशर को दो रूपों में मापते हैं, 

1. सिस्टोलिक BP (ऊपरी संख्या)

यह वह दबाव होता है जब हृदय रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है।

2. डायस्टोलिक BP (निचली संख्या)

यह वह दबाव होता है जब हृदय दो धड़कनों के बीच आराम की स्थिति में होता है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का BP 120/80 mmHg है, तो 120 सिस्टोलिक और 80 डायस्टोलिक BP को दर्शाता है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण, ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में हीदेखी जाती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी High BP और Low BP की चपेट में आ रहा है।

यदि BP लंबे समय तक असंतुलित बना रहे, तो यह हृदय, किडनी, मस्तिष्क और आंखों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इसलिए BP के लक्षण, BP के कारण और BP को नियंत्रित कैसे करें -जैसी जानकारी हर व्यक्ति को पता होनी चाहिए। 

High BP के कारण:

• अधिक नमक का सेवन करना

• लगातार तनाव और चिंता रहना 

• मोटापा या बढ़ा हुआ वजन

• शारीरिक गतिविधि की कमी

• धूम्रपान और शराब का सेवन

• पर्याप्त नींद न लेना

• किडनी संबंधी समस्याएं

• पारिवारिक इतिहास

• बढ़ती उम्र

High BP के लक्षण

  • सिरदर्द होना 

  • चक्कर आना

  • दिल की धड़कन तेज होना

  • बेचैनी महसूस होना

  • अत्यधिक पसीना आना

  • धुंधला दिखाई देना

 Low BP के कारण:

• शरीर में पानी की कमी

• लंबे समय तक भूखे रहना

• अत्यधिक कमजोरी या कुपोषण

• खून की कमी (Anemia)

• कुछ दवाओं का प्रभाव

• हृदय संबंधी समस्याएं

• हार्मोनल असंतुलन

 Low BP के लक्षण:

  • बार-बार चक्कर आना

  • कमजोरी महसूस होना

  • थकान 

  • धुंधला दिखाई देना

  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

  • बेहोशी जैसा महसूस होना

आयुर्वेद में BP: High BP और Low BP का आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

आयुर्वेद में BP को केवल एक रोग नहीं माना जाता, बल्कि इसे शरीर के दोषों (वात, पित्त और कफ), मानसिक स्थिति और जीवनशैली के असंतुलन के साथ जोड़ा जाता है।

High BP के लिए आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

आयुर्वेद के अनुसार High BP का संबंध मुख्य रूप से वात और पित्त दोष  के असंतुलन से माना जाता है। तनाव, क्रोध, चिंता और असंतुलित आहार इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

Low BP के लिए आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

आयुर्वेद में Low BP को अक्सर वात दोष के बढ़ने, कमजोरी और पोषण की कमी से जोड़ा जाता है। लंबे समय तक भूखे रहना और शरीर को पर्याप्त पोषण न मिलना इसके कारण हो सकते हैं।

BP के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां:

कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां Blood Pressure को नियंत्रित, हृदय को स्वस्थ और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक मानी जाती हैं।

  • अर्जुन (Arjuna)

  • अश्वगंधा (Ashwagandha)

  • ब्राह्मी (Brahmi)

  • जटामांसी (Jatamansi)

  • तुलसी (Tulsi)

  • लहसुन (Garlic)

अगर आप आयुर्वेदिक तरीके से बिना किसी साइड-इफ़ेक्ट के BP Control करना चाहते हैं तो आज ही चुनें:

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बना  Dr. BP Care Tablets जो आपकी Heart Health और Blood Pressure को देगा Ayurvedic Support

High BP और Low BP की समस्या में क्या खाएं और क्या न खाएं?

सही जीवनशैली व खान-पान BP को Control करने में खास भूमिका निभाता है। इसलिए BP Control रखने के लिए खान-पान का सही होना अति जरूरी है।

High BP में क्या खाना चाहिए?

  • हरी पत्तेदार सब्जियां

  • केला, संतरा, अनार और सेब साबुत अनाज

  • दालें और बीन्स कम वसा वाला दूध और दही

  • पर्याप्त मात्रा में पानी

 High BP में क्या न खाएं?

  • अधिक नमक

  • पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड

  • तला-भुना भोजन

  • जंक फूड

  • अधिक चीनी वाले पेय पदार्थ

  • धूम्रपान और शराब

Low BP में क्या खाएं?

  • पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ

  • नारियल पानी

  • छाछ और नींबू पानी

  • अनार, किशमिश और खजूर

  • हरी सब्जियां और फल

  • संतुलित मात्रा में नमक

 Low BP में क्या न खाएं?

  • लंबे समय तक खाली पेट न रहें

  • एक बार में बहुत भारी भोजन न करें

  • शराब का सेवन न करें

  • शरीर में पानी की कमी न होने दें

BP को नियंत्रित कैसे करें? 

  • हमेशा संतुलित आहार लें

  • नमक का सेवन कम करें 

  • प्रतिदिन exercise करें

  • तनाव को कम करने का प्रयास करें

  • पर्याप्त नींद लेते रहें 

  • योग और प्राणायाम करें

  • समय समय पर BP जांच करवाएं

अगर आप या आपका कोई अपना किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है। तो आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स के माध्यम से अपनी समस्या को जड़ से ठीक कर सकता  है। हमारे द्वारा तैयार किये गए प्रोडक्ट्स आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों पर आधारित होते हैं। 

 

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